ख़ास ख़बर | 03.07.2009
पुतिन का एक पांव पुराने ढर्रे में: ओबामा
अगले सप्ताह रूस यात्रा पर जाने से पहले ऐसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में ओबामा ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव यह समझते हैं कि शीतयुद्ध जैसा व्यवहार पुराना पड़ चुका है. मॉस्को में रूसी नेताओं से ओबामा की दो दिन की शिखर-वार्ता का उद्देश्य है, एक नई सामरिक अस्त्र-कटौती-संधि पर किसी सहमति पर पहुंचना. पुरानी संधि की अवधि दिसंबर में समाप्त हो रही है.
ओबामा ने कहा कि वह पुतिन और मेदेवदेव दोनों के साथ मुलाक़ात करेंगे. यह पूछे जाने पर कि वह पुतिन से क्यों मिलना चाहते हैं, ओबामा ने कहा कि रूस के पूर्व राष्ट्रपति का अब भी अपने देश में व्यापक प्रभाव है, "मेरे विचार में प्रधानमंत्री से मुलाक़ात से यह सुनिश्चित होगा कि वह और मेदवेदेव, दोनों एक ही बात सुनें, एक ही बात समझें, ताकि वे कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारे साथ मिलकर क़दम उठा सकें." #b#
ओबामा ने कहा कि अमेरिका यह स्पष्ट करना चाहता है कि वह रूस के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है, "अगर हम पुतिन और रूसी जनता को यह स्पष्ट एहसास दे सकें कि अमेरिका विरोध का संबंध नहीं चाहता, बल्कि परमाणु-अप्रसार, आतंकवाद से संघर्ष और ऊर्जा के मुद्दों पर सहयोग चाहता है, तो हम इस प्रक्रिया में कुल मिलाकर रूस को अपना एक अधिक सशक्त साझेदार पा सकेंगे."
ओबामा ने उत्तर कोरिया और ईरान को अपने परमाणु-अस्त्र-कार्यक्रम छोड़ने पर राज़ी करने की कोशिश में रूस के सहयोग की सराहना की. उन्होंने हाल में उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ मिलकर उठाए गए क़दम का उदाहरण दिया, "मेरे विचार में उत्तर कोरिया के परमाणु-परीक्षण और मिसाइल-प्रक्षेपणों के बाद उस के ख़िलाफ़ इतने सशक्त प्रतिबंध इसीलिए लगाए जा सके हैं कि रूस और चीन पहले की तुलना में अधिक कड़े क़दम उठाने पर राज़ी हुए हैं."
बेशक़, ओबामा मॉस्को को ईरान के परमाणु-कार्यक्रम के ख़िलाफ़ एक संयुक्त मोर्चे के रूप में काम करने पर राज़ी करने का भी प्रयास करेंगे. दोनों राष्ट्रपति अफ़ग़ानिस्तान में नाटो सेना को रूस के रास्ते सप्लाई पहुंचाने की संभावना पर भी बातचीत कर सकते हैं.






















